कहीं आप भी न कर दें ये भूल, जानिए कोरोना वायरस से जुड़े भ्रम और उनका सत्य


कहीं आप भी न कर दें ये भूल, जानिए कोरोना वायरस से जुड़े भ्रम और उनका सत्य

कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर के लोग सहमे हुए हैं। कोरोना वायरस देश में भी अब तेज गति से अपने पांव पसारना शुरू कर दिआ हैं। कोरोना वायरस के कुछ मिथक वायरस के तरह समाज में फैल गए और जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया तो कई लोगों ने सावधानी बरतना बंद कर दिया है। कुछ लोगों को लगने लगा शराब पीने से कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा तो कुछ लोगों को समझाया गया कि गर्मी आने पर कोरोना स्वयं ही खत्म हो जाएगा। आइए जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़े मिथक का सत्य क्या है?


मिथक : क्या शराब पीने से नहीं होता कोरोना?

कुछ लोगों का मानना है कि शराब पीने से कोरोना वायरस नहीं होगा।आपको बता दें कि हैंड सेनिटाइजर में अल्कोहल की मात्रा होती है और इसी हिसाब से कुछ लोगों का कहना है कि हैंड वाश सैनिटाइजर से यदि हाथ साफ हो सकता है तो एल्कोहल पीने से भी कोरोना वायरस से बचा जा सकेगा। 


सत्य- शराब पीने से कोरोना वायरस से नहीं बचा जा सकता।चिकित्सकों का मानना है कि शराब पीने से हमारी रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है जिससे हमें कोरोना अपनी चपेट में ले सकता है।चिकित्सकों की मानें तो कोरोना वायरस से बचने के लिए व्यक्ति की रोग प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होना जरूरी है। आंकड़ों के हिसाब से जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधी क्षमता मजबूत है वो व्यक्ति कोरोना वायरस से ठीक हो सकते हैं।


मिथक: क्या गर्मियों में मर जाएगा कोरोना?

कुछ लोगों का कहना है कि गर्मी पड़ते ही कोरोना वायरस का अंत हो जाएगा। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि शुष्क मौसम में कोरोना वायरस आसानी से एक जगह से दूसरे जगह फैल रहा है और मौसम ठंडा होने के कारण लोगों को सर्दी जुखाम अधिक मात्रा में हो रहा है।


सत्य- अभी इसका कोई प्रमाण मौजूद नहीं है कि गर्मी पड़ते ही कोरोना वायरस से निजात पाया जा सकता है परंतु गर्म देशों में आंकड़ा कम होने के कारण चिकित्सक गर्म पानी पीने और ठंडे स्थानों सेबच के रहने की सलाह दे रहे हैं।


मिथक: क्या बाल कांड में बाल मिलने से नहीं होगा कोरोना?

गांवों के कुछ लोगों का मानना है कि रामचरित मानस के बालकांड में हनुमानजी का बाल मिलने के बाद उस बाल को गंगा जल में डाल के जल को ग्रहण कर लेने से नहीं होगा कोरना।


सत्य- सत्य यह है कि कोरोना वायरस एक ऐसा संक्रमण है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।कोरोना वायरस के चलते चिकित्सक साफ सफाई और स्वस्थ रहने को लेकर एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं और ऐसे में किसी गंदे बाल को जल में डाल के पीने से आदमी की तबीयत खराब हो सकती है और बीमार होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस संक्रमण से बचने के लिए स्वस्थ रहना आपका बहुत ही आवश्यक है इसलिए इस प्रकार के किसी चीजों में ध्यान न दें यह पूर्णतः गलत है।


मिथक : क्या मक्खी-मच्छरों से भी फैल सकता है कोरोना?

कुछ बॉलीवुड सितारों और कुछ लोगों को ट्वीट करने से ये जानकारी लोगों में फैल गई कि मक्खी और मच्छरों से भी फैल सकता है कोरोना।


सत्य- मक्खी और मच्छर से संक्रमण फैलने का अधिकारिक रूप से कोई प्रमाण नहीं है। चिकित्सकों का भी मानना है कि मक्खी और मच्छर से कोरोना नहीं फैलता है लेकिन हमें साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए।


मिथक : क्या गीले गोबर को सिलबट्टे मे लगा कर किसी स्टील के बर्तन को उठ जाने से नहीं होगा कोरोना? 

गांवों में यह खबर तेजी से फैल गई कि सिलबट्टे में गोबर लगा के स्टील का बर्तन उठा लेने से कोरोना नहीं होगा। लोगों ने इस प्रक्रिया को शुरुआत किया और सावधानी बरतने से वंचित होते जा रहे हैं।


सत्य- कोरोना एक प्रकार का संक्रमण है यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसलिए सील,गोबर और स्टील के बर्तन से कोरोना का कोई तात्पर्य नहीं है ये सिर्फ एक मिथ्या है।गोबर के गीला होने के कारण वह शील को जकड़ ले रहा है जिस वजह से स्टील के बर्तन आसानी से उठ जा रहे हैं।हमें सावधानी और एहतियात बरतना चाहिए इस प्रकार के अफवाहों से बचना चाहिए।


मिथक : क्या बच्चों को नहीं होगा कोरोना?

 मौत के आंकड़े से अंदाज लगाते हुए कुछ लोगों का कहना है कि कोरोना से बच्चों को संक्रमण नहीं फैलेगा।


सत्य- बच्चों और युवाओं की रोग प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होती है।अधिकांश कोरोना से उन्हीं व्यक्तियों की मौत हो रहे हैं जिन्हें पहले से ही कोई बीमारी है।परंतु कोरोना एक प्रकार का संक्रमण है और वो किसी को भी हो सकता है इसलिए इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि कोरोना बच्चों को नहीं होगा।


मिथक :क्या मास्क लगाने से नहीं होगा कोरोना??

कोरोना का संक्रमण फैलते ही हर व्यक्ति मास्क लगाने के लिए जूझने लगे। लोगों को लग रहा है कि मास्क लगा लेने से कोरोना का संक्रमण उन तक नहीं फैलेगा।


सत्य- मास्क लगा लेने से किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से बचा जा सकता है। इसलिए मास्क का उपयोग वही व्यक्ति करें जिन्हें इस प्रकार का कोई लक्षण हो या तो भीड़भाड़ वाला इलाका हो।मास्क सतर्कता और एहतियातन के लिए आवश्यक है परंतु यह कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है।


मिथक : क्या गोमूत्र पीने से ठीक हो जाएगा कोरोना?

सामाजिक मूल्यों के अनुसार गोमूत्र को शुद्ध माना जाता है।कुछ लोग गोमूत्र को एंटी वायरल औषधि के रूप में भी प्रयोग करते हैं।


सत्य- चिकित्सा का आधिकारिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि गौमूत्र से कोरोना से बचा जा सकता है।गोमूत्र पीने से कई लोग बीमार भी पड जा रहे हैं।इसलिए इस अफवाह से बचें सरकारी निर्देशों का पालन करें और सावधानी अवश्य बरते।


मिथक : क्या विटामिन सी खाने से नहीं होगा कोरोना?

कुछ लोगों का कहना है कि विटामिन सी का प्रयोग करने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है।


सत्य- चिकित्सकों की सलाह मानें तो विटामिन सी का उपयोग करने से रोग प्रतिरोधी क्षमता में वृद्धि होती है।कोरोना वायरस से बचने के लिए रोग प्रतिरोधी क्षमता का अच्छा होना बेहतर है।इसलिए विटामिन सी का उपयोग किया जा सकता है।परन्तु सिर्फ विटामिन सी कोरोना वायरस का किसी भी प्रकार से इलाज नहीं है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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