संक्रमित खाने से हो सकती है पेट में पिनवॉर्म की समस्या, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके


 संक्रमित खाने से हो सकती है पेट में पिनवॉर्म की समस्या, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

अक्सर बाहर का दूषित भोजन खाने से पेट दर्द, ऐंठन, उल्टी और संक्रमण जैसी तमाम स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। कई बार दूषित भोजन या पानी के कारण पिनवॉर्म या पेट में कीड़े की समस्या भी पैदा हो जाती है। पेट में कीड़े होना बहुत आम समस्या है। हालांकि, ये समस्या किसी को भी हो सकती है लेकिन पिनवॉर्म ज़्यादातर बच्चों में पाए जाते हैं। यह कीड़े आँतों में रहकर संक्रमण फैलाते हैं। पिनवॉर्म के कारण खुजली, भूख कम लगना, वजन कम होना, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। वैसे तो पिनवॉर्म की समस्या होना आम बात है लेकिन समय से इलाज ना करने पर ये गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। पेट में पिनवॉर्म को खत्म करने के कई घरेलू उपचार और दवाइयां उपलब्ध हैं। आज के इस लेख में हम आपको पिनवॉर्म के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय और घरेलू नुस्खों की जानकारी देंगे -    


पिनवॉर्म क्या है

पिनवॉर्म एक प्रकार के परजीवी होते हैं जो संक्रमित व्यक्ति की आंतों में जीवित रहकर संक्रमण फैलाते हैं। ये परजीवी व्यक्ति की आँतों से खून चूसते हैं और उसके शरीर के पोषण पर जीवित रहते हैं। ये सफेद रंग के पतले धागे जैसे दिखने वाले कीड़े होते हैं इसलिए इन्हें थ्रेडवॉर्म भी कहा जाता है। अक्सर आम बोलचाल की भाषा में पिनवॉर्म को पेट के कीड़े बोला जाता है। पिनवॉर्म या इसके अंडे से बहुत संक्रामक होते हैं और किसी संक्रमित व्यक्ति या वस्तु के संपर्क में आने पर ये बहुत तेज़ी से फैलते हैं। पिनवॉर्म किसी को भी हो सकते हैं लेकिन बच्चों में इसका संक्रमण ज्यादा पाया जाता है।  


कैसे फैलता है संक्रमण

पिनवॉर्म ज़्यादातर दूषित जगहों पर पाए जाते हैं। दूषित पानी या खाने से पिनवॉर्म होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। संक्रमित व्यक्ति के सोने के बाद मादा पिनवॉर्म आंत से बाहर निकल कर मलद्वार (anus) के आसपास की त्वचा पर अंडे देती है। जब हम बिना जाने इन अण्डों को अपने शरीर के अंदर ले जाते हैं तो कुछ दिनों में ये अंडे शरीर में जाकर वयस्क पिनवॉर्म में बदल जाते हैं और संक्रमण फैलाते हैं।

ये अंडे कपड़ों, बिस्तर और अन्य चीज़ों में आसानी से जीवित रह सकते हैं। जब कोई व्यक्ति इन संक्रमित चीज़ों को अपने हाथों से छूता है तो ये अंडे उसके नाखूनों और उंगलियों में चिपक जाते हैं। खाना खाने या उंगली मुंह में डालने पर यह अंडे मुंह के अंदर चले जाते हैं।  ये अंडे भोजन, पानी या हवा के माध्यम से भी शरीर में पहुंच सकते हैं। इस तरह से ये शरीर में फैलते हैं और संक्रमण का कारण बनते हैं।


पिनवॉर्म के लक्षण -

  • मलद्वार के आसपास खुजली
  • भूख ना लगना
  • वजन कम होना
  • चिड़चिड़ापन
  • सोने में समस्या
  • शरीर में सूजन
  • घबराहट
  • बैचैनी
  • भूख में कमी
  • महिलाओं को योनि के आसपास खुजली और जलन भी पिनवॉर्म के कारण हो सकती है

पिनवॉर्म से बचाव के उपाय -  

  • पिनवॉर्म से बचने और इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए खाना बनाने या खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह से साफ करें। शौच करने के बाद भी हाथों को साबुन से अवश्य धोएं।  
  • खाना बनाने से पहले फलों और सब्जियों को अच्छी तरह पानी से धोएं।
  • माँस-मछली को अच्छी तरह पकाकर खाएं
  • अपने शरीर और आस-पास की सफाई का खास ध्यान रखें। रोजाना साफ पानी से नहाएं और साफ कपड़े पहनें।
  • अपने कपड़े, तौलिया, चादर आदि को गर्म पानी से धोएं और इन्हें तेज धूप में सुखने के लिए डालें। ऐसा करने से कपड़ों या अन्य चीज़ों में चिपके अंडे नष्ट हो जाएंगे
  • नियमित रूप से अपने नाखून काटें और उन्हें साफ रखें। नाखून चबाने की आदत से बचें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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