क्या आप जानते हैं करेला सेहत के लिए होता है फायदेमंद


क्या आप जानते हैं करेला सेहत के लिए होता है फायदेमंद

करेले का स्वाद भले ही कड़वा होता है, लेकिन सेहत के लिए यह बहुत फायदेमंद होता है। खून साफ रखने से लेकर, शरीर को ऊर्जा देने और वज़न कंट्रोल में रखने में करेले का जूस बहुत फायदेमंद होता है, तो अब से आप भी करेले का जूस पीना शुरू कर दीजिए।

 

वज़न कम करना

करेले में कैलरी, फैट और कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा कम होती है। 100 ग्राम करेले में सिर्फ 34 कैलरी होती है। ऐसे में करेले का जूस पीने से बॉडी फैट नहीं बढ़ता। इसके अलावा करेले में फाइबर और पानी की मात्रा ज़्यादा होती है जिससे वज़न घटाने में यह सहायक है। एक अध्ययन के अनुसार, करेला शरीर में मौजूद फैट की मात्रा को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह शरीर में नए फैट सेल्स की ग्रोथ को रोकता है जिससे वज़न कंट्रोल रहता है।


कफ से राहत

करेल में फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है। एक महीने तक करेले का जूस पीने से पुराना कफ भी ठीक हो जाता है। खासी के इलाज में भी करेला फायदेमंद है।

 

डायबिटीज़ में फायदेमंद

डायबिटीज़ के मरीजों को 1/4 कप करेले के जूस में इतना ही गाजर का जूस मिलाकर पीना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है। सुबह के समय करेले का जूस पीना भी बहुत लाभदायक होता है।

 

पथरी गलाए

पथरी के मरीजों को करेले का जूस पीने और करेले की सब्जी खाने से फायदा होता है। करेला धीरे-धीरे पथरी को गलाकर बाहर निकाल देता है। 20 ग्राम करेले के रस में शहद मिलाकर पीने से पथरी गल कर पेशाब के रास्ते निकल जाती है।

भूख बढ़ाता है

यदि आपको भूख नहीं लगती, तो करेले का जूस पीएं। दरअसल, करेला का जूस और सब्ज़ी खाने से पाचन तंत्र ठीक रहता है और भूख बढ़ती है।

 

त्वचा को निरोगी रखें

करेले में मौजूद बिटर्स और एल्केलाइड नामक तत्व ब्लड प्यूरीफाई करते हैं जिससे आपकी स्किन साफ रहती है। करेले की सब्जी खाएं और इसे मिक्सर में पीसकर बना लेप रात में सोते समय हाथ-पैर पर लगाने से फोड़े-फुंसी और त्वचा के रोगों से छुटकारा मिलता है। करेले से दाद, खाज, खुजली, सियोरोसिस जैसे रोग नहीं होते। करेले के जूस में नींबू का रस मिलाकर पीने से भी फायदा होता है।

 

- कंचन सिंह

 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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