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Health Tips: Grade 1 फैटी लिवर में भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, बढ़ जाएगा खतरा

By Healthy Nuskhe | Jan 16, 2026

आजकल फैटी लिवर की समस्या होना आम हो गया है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप इस पर ध्यान न दें या फिर इसको नजरअंदाज कर दें। अक्सर जब रिपोर्ट में फैटी लिवर आता है, तो लोग कहते नजर आते हैं कि यह नॉर्मल है और आजकल सभी को होता है। ऐसा सुनकर कई बार हम फैटी लिवर ग्रेड 1 पर ध्यान नहीं देते हैं। अगर आप भी ऐसी गलती कर रहे हैं, तो आपको समझना चाहिए कि अगर ग्रेड 1 फैटी लिवर पर ध्यान न दिया जाए, तो यह कब ग्रेड 2 या फिर उससे भी सीरियस कंडीशन में बदल जाए, आपको पता भी नहीं चलेगा।

लिवर डैमेज की शुरूआत होने पर आपको डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। ग्रेड 1 फैटी लिवर को मैनेज करने के लिए आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए। साथ ही कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

इन तीन बातों पर दें ध्यान

शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे विटामिन-ई, कोलीन और विटामिन-बी कॉम्पलेक्स, हमारे लिवर के सही तरीके से फंक्शन के लिए काफी जरूरी है। अधिकतर लोग इस बात को नहीं जानते हैं कि अगर में इन चीजों की कमी हो जाती है, तो इसका सीधा असर हमारे लिवर हेल्थ पर पड़ता है। इनकी कमी होने पर लिवर सही तरीके से अपना काम नहीं कर पाता है।

अगर आपको ग्रेड 1 फैटी लिवर है, तो आपको अपनी डाइट में इन न्यूट्रिएंट्स से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए। जिससे कि लिवर फंक्शन में सुधार हो सके। जब लिवर सही तरीके से काम नहीं करता है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। ऐसे में लिवर का सही तरीके से फंक्शन करना बहुत जरूरी होता है।

आपकी लिवर हेल्थ पर इंसुलिन रेजिस्टेंस पर असर डालता है। इसकी वजह से भी फैटी लिवर के लक्षण बढ़ सकते हैं। आमतौर पर इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से ही फैटी लिवर होता है। क्योंकि ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है, इसके कारण लिवर में फैट जमा होने लगता है। फैटी लिवर के लक्षणों को कम करने के लिए इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करना जरूरी होता है। आपकी मेथी दाना और दालचीनी समेत कई चीजें मदद कर सकती हैं।

इंसुलिन रेजिस्टेंस भी आपकी लिवर हेल्थ पर असर डालता है और इसके कारण भी फैटी लिवर के लक्षण बढ़ सकते हैं। आमतौर पर फैटी लिवर, इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से ही होता है, क्योंकि हमारा ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है और इसकी वजह से लिवर में फैट जमा होने लगता है। फैटी लिवर के लक्षणों को कम करने के लिए, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करना जरूरी है। दालचीनी और मेथी दाना समेत कई चीजें आपकी मदद कर सकती हैं।

जैसे-जैसे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होगा, फैटी लिवर के लक्षण भी कम हो सकते हैं।

इंफ्लेमेशन का लिवर हेल्थ पर सबसे बुरा असर होता है। अगर बॉडी में इंफ्लेमेशन ज्यादा है, तो न सिर्फ लिवर खराब हो सकता है। बल्कि कई और बॉडी फंक्शन्स पर भी इसका असर होता है। ईएसआर और एचएस-सीआरपी टेस्ट की सहायता से बॉडी में इंफ्लेमेशन का पता चलता है। इसलिए डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स को शामिल करना चाहिए।
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