शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने हैं तो अपनाएं डिटॉक्स डाइट प्लान, खुद महसूस करेंगे फर्क


शरीर से विषाक्त पदार्थ  निकालने हैं तो अपनाएं डिटॉक्स डाइट प्लान, खुद महसूस करेंगे फर्क

आपके दिमाग में यह सवाल बार-बार कौंध रहा होगा कि शरीर में विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी क्या होती है? यदि होती है तो इसके लिए डाइट प्लान लेने की आवश्यकता क्यों होती है? इसके लिए आपको आसान भाषा में समझना होगा कि मशीनरी सिस्टम की तरह हमारे शरीर के भीतरी अंग निरंतर कार्यरत रहते हैं। उदाहरण के तौर पर हमारा लीवर पाचन क्रिया, रक्त की रीसाइक्लिंग चौबीसों घंटे करता रहता है। इस निरंतर प्रक्रिया के दौरान लीवर में कई विषाक्त पदार्थों का जन्म होता है। शरीर के इस महत्वपूर्ण हिस्से के लिए ऐसे विषाक्त पदार्थ घातक सिद्ध हो सकते हैं। जिसकी सुरक्षा के लिए डिटॉक्स डाइट का हल निकाला गया है। जिसके जरिए बेहतर डाइट प्लानिंग से शरीर के हर हिस्से से विषाक्तता को खत्म किया जा सकता है।


जानिए डिटॉक्स डाइट का क्या है मतलब?


शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को पूरी तरह से निकाल फेंकने की खातिर अल्प समय के लिए खास आहार को डाइट के तौर पर लिया जाता है जिसे डिटॉक्स डाइट कहते हैं। कुछ इस तरह से लें डिटॉक्स डाइट-


1. कुछ दिनों का उपवास रखें जिससे भीतरी अंगों से विशाक्त पदार्थ कम हों।


2.अल्प समय के लिए शरीर को आराम दें।


3. सिगरेट, शराब, गुटखे, काॅफी आदि का सेवन बिल्कुल ना करें।


4. ताजी सब्जियों, फल, जड़ी बूटियों का  सेवन कर सकते हैं।


5. सुबह दलिया खाएं या एलोवेरा जूस पीने की आदत अच्छी होगी।


6. नींबू पानी, सादा नमक पानी पिएं।


7. दोपहर के भोजन में पत्तेदार सब्जियां सलाद का भरपूर इस्तेमाल करें ।


डिटॉक्स डाइट के दौरान योगाभ्यास करना होगा अत्यंत लाभकारी


जब आप अल्प समय के लिए डिटॉक्स डाइट प्लान अपना रहे हैं तो योगा करना आपके लिए बहुत ही उचित होगा । योगक्रिया को नित्यप्रति सुबह-शाम भोजन व नाश्ते से पहले करें। पानी भरपूर मात्रा में पिएं और व्यायाम करते हुए पसीना बहाएं। जिससे शरीर में मौजूद विशाक्त पदार्थ  धीरे-धीरे बाहर निकल जाएंगे।


डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts