चावल के अलग-अलग किस्म पर उन्हें खाने के फायदा


चावल के अलग-अलग किस्म पर उन्हें खाने के फायदा

जब भी कभी हम वजन कम करने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में एक ही सवाल आता है और वह होता है डाइटिंग करने का। डाइटिंग करने की लोग सोच तो लेते हैं लेकिन उसमें उनके दिमाग में एक ही चीज आती है खाना कम करना है। रोटियों की संख्या कम कर देना साथ ही घी मक्खन चावल यह सब प्लेट से गायब हो जाते हैं। लोगों को कहते हुए सुना है कि चावल खाने से वजन जल्दी बढ़ता है, लेकिन आपको बता दें कि यह धारणा बिल्कुल गलत है। वजन कैलोरी के कारण बढ़ता है और चावलों में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। चावल के बारे में कोई भी बात दिमाग में बैठाने से पहले उसके बारे में कुछ बातें जानना बेहद महत्वपूर्ण है। बाजार में चावलों की कई वैरायटी मिलती है जिसे जरूरत के अनुसार ही खरीदा जाता है। ब्राउन, रेड, ब्लैक, वाइट और इनका उनके पोषक तत्वों पर निर्भर करता है। तो आज हम आपको बताते हैं चावलों की वैरायटी और उनके फायदों के बारे में।


व्हाइट राइस से हो सकता है बेरी-बेरी:


सफेद चावल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है, सफेद चावल कच्चे चावल का एक बहुत ज्यादा शुद्ध रूप होता है। दुनिया में सबसे ज्यादा सफेद चावल का इस्तेमाल किया जाता है।एक्सपर्ट का कहना है सफेद चावल की पोलिस प्रक्रिया को और अधिक बढ़ाया जाता है तो इसकी एलयूरन परत हट जाती है जिससे इस मौजूद पोषक तत्वों की अत्यधिक हानि होती है। इस व्रत में विटामिन बी दूसरे पोषक तत्व और शरीर के लिए जरूरी सेट होते हैं। वैसे अगर देखा जाए तो सफेद चावल में मुख्य रूप से स्टार्च होता है। पोलिस की प्रक्रिया के दौरान इसमें से कुछ पोषक तत्व जैसे की थियामीन जोकि b1 के नाम से भी जाना जाता है और विटामिन बी आदि कम हो जाते हैं। अगर इस चावल को बिना पोषक तत्वों के डाइट में शामिल किया जाए तो इससे बेरी-बेरी नामक रोग हो सकता है। यह रोग थियामिन की कमी के कारण होता है। इसके अलावा कई बार सफेद चावल हमारे शरीर को भी कई तरह के नुकसान पहुंचाते हैं।इसके अलावा मेटाबोलिक परेशानी डायबिटीज, मोटापा और कोई परेशानी बढ़ा देते हैं।


रेड ब्राउन और ब्लैक राइस हैं हेल्दी


ब्राउन और रेड चावलों को उगाने से लेकर पोषक तत्व तक सब कुछ एक समान होता है।यह चावल या तो आप को कम सिले हुए मिलते हैं या फिर विनाश इसलिए इन्हें खाते समय इनमें मौजूद चौका को काफी देर तक चबाना पड़ता है जोकि हमारी सेहत के लिए बेहद लाभदायक होता है। ब्राउन राइस दुनिया में आसानी से मिल जाते हैं लेकिन रेड राइस हिमालय पर्वत दक्षिणी तिब्बत भूटान और दक्षिण भारत में पाए जाते हैं।


क्यों खाने चाहिए ब्राउन और रेड चावल


रेड राइस में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। एंटी ऑक्सीडेंट को एंथोसाइन एसी कहां जाता है यह तो सामने से ज्यादा गहरे पर्पल और लाल रंग के फल और सब्जियों में पाए जाते है। इनसे हमारे शरीर में होने वाली एलर्जी जलन कैंसर आदि के खतरों को कम करने में सहायता मिलती है। मैगजीन दोनों तरह के चावलों में पाया जाता है जोकि मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने माइग्रेन को ठीक करने वर्ल्ड प्रेशर को कम करने के अलावा हार्टअटैक जैसे खतरों को हटाने में भी सहायता करते है।मैग्नीशियम और कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत करने ओस्टियोपोरोसिस गठिया जैसे रोगों को ठीक करने में बेहद लाभकारी होते है। चावलों में मौजूद शैली नियम हमारे शरीर में होने वाले इन्फेक्शन से बचाता है। इसके अलावा आराम से चल रही पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और फाइबर देने में हाइक होता है। ब्लड शुगर में बदलती कार को भी फाइबर खुद ही धीरे-धीरे कम कर देता है ।


विशेषज्ञों का कहना है कि रेड और ब्राउन चावल किसी भी हार्ड अटैक और डायबिटीज के मरीज के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते है। इन्हें साबुत अनाज की तरह गिना जाता है। यह चावल हमारे आर्टरी में जमे हुए मैल को कम करने और दिल से जुड़ी हुई परेशानियों को कम करने में बेहद सहायता करते हैं।कुछ समय पहले की गई एक शोध में पाया गया है कि एक कप ब्राउन राइस अपने खाने में शामिल करने से 60% तक डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। कुछ और अध्ययन में चावल में पाए जाने वाले फटिक एसिड जैसे कुछ तत्व व्यक्ति के शरीर के नुकसान पहुंचाते हैं।


इन्हें खाने से बचने में है फायदा


चमकीले रंग के काले चावल को जब पकाया जाता है तो यह अपना रंग बदल लेते हैं और पर्पल हो जाते हैं। इन्हें देखने के साथ साथ खाने में भी फर्क होता है। इसी खासियत की वजह से काले चावल ब्राउन और रेड राइस से बेहतर माने जाते हैं। इनमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, फाइटोकेमिकल्स विटामिन ई, प्रोटीन, आयरन और ऐसे ही अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। माना जाता है कि यह लीवर किडनी और पेट के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इसमें एंथोसाइनन की मात्रा ज्यादा होती है जोकि कैंसर के खतरों से बचाती है। दिल और शुगर के मरीज इसकी कम चीनी और गिलास में खासियत की वजह से अपनी डेली डाइट में इन्हें शामिल करना पसंद करते हैं, इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज हुए इन चावलों को खाते है।


माना जाता है कि 40,000 से अधिक किस्मों में पाए जाने वाले चावलों को दुनिया के हर कोने में प्रयोग किया जाता है। किसी भी स्वस्थ जीवन शैली के लिए अच्छा खाना और पोषक तत्वों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। इसीलिए अपने स्वास्थ्य के लिए कौन से पोषक तत्व महत्वपूर्ण है और उन्हें अपनी डाइट में किस तरह से शामिल करें यह सब जानकारी प्राप्त करना जरूरी होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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