Summer Drinks: सिर्फ आम पन्ना ही नहीं, ये 4 और देसी Drinks हैं गर्मी का तोड़, देंगे लू से Protection
- अनन्या मिश्रा
- May 30, 2026

गर्मी के मौसम में तेज धूप और लू के कारण लोगों का हाल बेहाल हो जाता है। जिसका सीधा असर हमारी सेहत पर देखने को मिलता है। वहीं मई-जून की भीषण गर्मी में शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन की समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती है। वहीं ऐसे समय में दादी-नानी के पुराने नुस्खे आज भी सबसे ज्यादा असरदार माने जाते हैं। पहले के समय में लोग गर्मियों में लोग प्राकृतिक शरबत पीकर खुद को ठंडा रखते थे।
इन देसी शरबतों की खास बात यह है कि इनमें किसी भी तरह का प्रिजर्वेटिव या केमिकल नहीं होता है। यह शरबत शरीर के पाचन को सुधारने, तापमान को कंट्रोल करने और लू से बचाने में मदद करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे ही ड्रिंक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो गर्मियों के मौसम में किसी अमृत से कम नहीं हैं।
बेल का शरबत
यह फल शरीर को ठंडक पहुंचाने में असरदार माना जाता है।
यह पेट की गर्मी को कम करने के साथ डाइजेशन को भी बेहतर करता है।
रोजाना एक गिलास बेल का शरबत पीना चाहिए, जिससे लू का खतरा कम हो सकता है।
आम पन्ना
कच्चे आम से बनने वाला पना गर्मियों के मौसम का सबसे लोकप्रिय ड्रिंक है।
आम पन्ना में इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद होते हैं, जोकि शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।
आम पन्ना में काला नमक और पुदीना बढ़ाने से इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।
सौंफ का शरबत
सौंफ की तासीर ठंडी होती है। ऐसे में गर्मियों में सौंफ का शरबत पीने से शरीर को ठंडक मिलती है।
इस शरबत के सेवन से आंखों की जलन और पेट की गर्मी कम होती है।
रोजाना दोपहर में सौंफ का शरबत पीने से राहत मिलती है।
जौ का सत्तू शरबत
गर्मियों में यूपी और बिहार में सत्तू का शरबत खूब पिया जाता है।
जौ के सत्तू का शरबत पीने से शरीर को एनर्जी मिलती है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है।
सत्तू के शरबत में नींबू, नमक और जीरा मिलाकर पीने से इसका स्वाद बढ़ जाता है।
गुलाब शरबत
गर्मियों में यह शरबत पीने से दिमाग और शरीर दोनों को ठंडक मिलती है।
गुलाब का शरबत थकान और तनाव को कम करने में मददगार माना जाता है।
दूध या ठंडे पानी में मिलाकर इसको पीने से आपको फौरन फ्रेशनेस महसूस होती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।