स्वाद के साथ सेहत का खजाना है तेजपत्ता, जानें इसके चमत्कारी फायदे


स्वाद के साथ सेहत का खजाना है तेजपत्ता, जानें इसके चमत्कारी फायदे

आपने भी कभी न कभी खाना बनाते समय तेजपत्ते का इस्तेमाल किया ही होगा। तेजपत्ते का इस्तेमाल खाने का जायका बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेजपत्ता ना सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनता है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और फॉलिक एसिड होता है। इसके साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं जो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में बेहद लाभदायक होते हैं। आज के इस लेख में हम आपको तेजपत्ते के फायदे बताने जा रहे हैं -


पाचन संबंधी समस्याओं के लिए तेज पत्ता बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और फॉलिक एसिड होता है। तेजपत्ते के सेवन से एसिडिटी, कब्ज और मरोड़ जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से आराम मिलता है। 


डायबिटीज के मरीजों के लिए तेजपत्ते का सेवन फायदेमंद माना जाता है। जनरल ऑफ बायोकैमिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को तेज पत्ते का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर कम होता है और कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है। 


चोट या घाव में तेजपत्ते के इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जिससे शरीर में घाव को जल्दी भरने में मदद मिलती है। इसके साथ ही यह सूजन को कम करने में भी कारगर है। 


तेजपत्ता हमारी ओरल हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है। इसमें विटामिन सी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो मुंह में बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते हैं। तेजपत्ते की राख से मंजन करने से दांत साफ और मजबूत बनते हैं। 


कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी तेजपत्ता फायदेमंद है। एक शोध के अनुसार तेज पत्ते में मौजूद इथेनॉल अर्क कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। आप हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर के लिए आप तेजपत्ते की चाय का सेवन कर सकते हैं। 


किडनी स्टोन और किडनी संबंधित समस्याओं के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। तेजपत्ते की चाय पीने से किडनी संबंधित समस्याओं में फायदा होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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