नॉन-वेज से ज़्यादा प्रोटीन होता है इन दालों में, आइये जानें कौन-कौन सी हैं वो दाल


नॉन-वेज से ज़्यादा प्रोटीन होता है इन दालों में, आइये जानें कौन-कौन सी हैं वो दाल

भोजन की थाली में विभिन्न पोषक तत्वों का होना स्वास्थ्य के लिए अहम होता है। इसलिए सदियों से, अनजाने में ही सही, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, वसा एवं अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त खाद्य सामग्रियों को आहार में शामिल किया गया है। हर देश में चाहे भोजन का स्वरूप एवं स्वाद अलग हो लेकिन कोशिश यहीं रहती है कि शरीर के पोषण के लिए आवश्यक हर तत्व आहार में शामिल हो सके। दाल सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। दाल हमारे भारतीय थाली का अभिन्न अंग होता है। चाहे बात दाल-रोटी की हो या दाल-चावल की, हर भारतीय का खाना दाल के बिना अधूरा होता है। असल में दाल प्रोटीन का अहम स्रोत है। इसलिए दाल को प्राचीन काल से हमारी थाली में शामिल किया गया है। हमारा देख कृषि प्रधान देश है, हम यहाँ सदियों से दाल उगाते और खाते भी हैं। हमारे यहां अरहर, उड़द, मूंग, चना, मटर, मसूर, मोठ, राजमा आदि दालें काफी पसंद की जाती है। भारत में दाल मुख्य भोजन में से एक है और यहां सभी घरों में दाल बनाई जाती है। दाल सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। दाल कई तरह की होती है और और हर दाल के अपने अलग-अलग फायदे भी हैं। दाल में वो सभी पोषक तत्व और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं। दालों से बने व्यंजनों जैसे दाल-मखनी, दाल-तड़का, गुजराती दाल आदि के भी सैकड़ों प्रकार होंगे। शरीर को स्वस्थ और उसके कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए अन्य पोषक तत्वों की तरह प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन तमाम अंगों से लेकर आपकी मांसपेशियों, ऊतकों, हड्डियों, त्वचा और बालों तक हर चीज के लिए जरूरी है। प्रोटीन आपके रक्त में आपके पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाता है। यह एंटीबॉडी बनाने में भी मदद करता है जो संक्रमण और बीमारियों से लड़ते हैं और कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

खाने में में पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है। एक रीसर्च के अनुसार हमारे शरीर को कुछ मात्रा में प्रोटीन रोज़ लेना चाहिए जैसे  4 साल से कम उम्र के बच्चों को 13 ग्राम, 4 से 8 साल के बच्चों को 19 ग्राम, 9 से 13 साल के बच्चों को 34 ग्राम, 14 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाएं और लड़कियों को 46 ग्राम, 14 से 18 साल के लड़कों को 52 ग्राम, 19 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों को 56 ग्राम प्रोटीन चाहिए। अगर सीधे भाषा में कहें तो अधिकांश सभी को अपनी कैलोरी का 10% से 35% प्रत्येक दिन प्रोटीन के रूप में प्राप्त करना चाहिए। कईं अध्ययनों से ये पता चलता है कि वज़न घटने के लिए भी प्रोटीन ज़रूरी होता है। कुछ लोग मानते हैं कि प्रोटीन सिर्फ अंडा और पनीर जैसी चीजों में पाया जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। कुछ दाल भी हैं जिनमें इनसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। आइये जानते है कुछ ऐसी ही दालों के बारे में -

1. मसूर दाल 

मसूर दाल कई उत्तर भारतीय राज्यों में मुख्य तौर से खाई जाती है। मसूर दाल आयरन, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, बी6, बी2, फोलिक एसिड, कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर होती है। आधा कप मसूर दाल आपको लगभग 9 ग्राम प्रोटीन प्रदान करती है।

2. चना दाल

प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चना दाल कई तरह से आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। एक कप चना दाल आपको पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम प्रदान कर सकती है। चना दाल हृदय और डायबिटीज के अनुकूल दाल है। ये आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी फायदेमंद है और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है। आधा कप चना दाल आपको 9 ग्राम तक प्रोटीन देने में मदद करती है।

3. उड़द की दाल

उड़द की दाल को काली दाल भी कहा जाता है। यह दाल फोलेट और जिंक का एक शक्तिशाली स्रोत है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उड़द की दाल के हर आधे कप में 12 ग्राम प्रोटीन होता है। आपको रोजाना एक कटोरा उड़द की दाल का सेवन करना चाहिए।

4. हरी मूंग की दाल

इस दाल को हरी मूंग की दाल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके छिलके हरे रंग के होते हैं। यह दाल बिना छिलके के साथ भी आती है और सफेद रंग में भी मिलती है। इस दाल के हर आधे कप में 9 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। हरी दाल भी आयरन का एक शक्तिशाली स्रोत है। इसके अलावा, मूंग दाल में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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