लिवर को रखना है हेल्दी तो आज से ही शुरू करें इन फलों का सेवन


लिवर को रखना है हेल्दी तो आज से ही शुरू करें इन फलों का सेवन

लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। जिसकी हमें ज़्यादा देखभाल करने की जरूरत होती है। लिवर के फंक्शन्स की बात करें तो ये सभी प्रकार के पोषक तत्त्व जैसे कि विटामिन्स, प्रोटीन, मिनरल्स, एंटी ऑक्सीडेंट्स सबको अलग-अलग करता है। इसके बाद में ये जरूरत के अनुसार शरीर के हिस्से में पहुंचाता है। इसलिए यदि लिवर में कोई भी समस्या आती है तो इसका असर पूरे शरीर में देखने को मिल जाता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि ऐसी डाइट लें जो लीवर को नुकसान ना पहुचायें। शरीर को हेल्दी रखने के लिए लिवर का हेल्दी होना भी बहुत जरूरी है। लिवर बॉडी को डिटॉक्‍स करने का काम करता है। लिवर को मजबूत करने लिए दवाइयों पर निर्भर रहने की जगह आप पोषक तत्वों से भरपूर चीज़ों का सेवन करें। इसके कई कार्य होते हैं जैसे शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालना, एंजाइम और पित्त का निर्माण करना, जो भी भोजन करते हैं, उसे पाचन क्रिया में मदद करना, प्रोटीन का निर्माण करना, पोषक तत्वों को फैट में परिवर्तित करना आदि। अपने खान-पान में आप शराब, ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना, फ़ास्ट फ़ूड ये सारी चीज़ें लिवर को नुकसान पहुंचाने का काम करती है। जिसको आपको जितना हो सके उतना कम खाना चाहिए। लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग होता है जो सुचारू रूप से कार्य करके हमारे शरीर की कई कार्यप्रणालियों को बेहतरीन तरीके से चलाता है। इसमें अगर थोड़ी-सी भी कमी हो जाए या फिर यह कमजोर पड़ जाए तो हमारे शरीर के कई कार्य रुक जाएंगे, जो गंभीर बीमारियां भी उत्पन्न कर सकते हैं। खराब खान-पान के कारण लिवर कमजोर हो जाता है जिस कारण वह ठीक तरीके से कार्य नहीं कर पाता है। लिवर तभी स्वस्थ रह सकता है, जब आप हेल्दी डाइट लेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करेंगे। लिवर को मजबूत करने के लिए फल कुछ खास भूमिका निभा सकते हैं। कुछ फलों में पाए जाने वाले खास एंजाइम्स और पोषक तत्व लिवर डिटॉक्स करने में और इसे स्वस्थ बनाने में मदद कर सकते हैं। लिवर को मजबूत बनाने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप ज्यादा से ज्यादा पानी वाली चीजों को खाएं और इस डिटॉक्सीफाई करते रहें। जब आपका लिवर समय-समय पर डिटॉक्सीफाई होता रहता है तो इसका काम काज सही रहता है और शरीर में लिवर कमजोर होने के लक्षण नजर नहीं आते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ फलों के बारे में जो कि लिवर को मजबूत कर सकते हैं -

1. पपीता

गर्मियों में पपीता आपको बड़ी आसानी से मिल जाएगा। इसे आप चाहें तो आमतौर पर जूस के रूप में भी पी सकते हैं। यहां लिवर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ आपके शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। लिवर को मजबूत बनाने के लिए भी पपीता काफी कारगर साबित हो सकता है। लिवर को डिटॉक्सिफाई करने में भी सक्रिय रूप से कार्य करता है। इसलिए आप हफ्ते में पपीते का सेवन कम से कम 2 बार जरूर कर सकते हैं। लीवर से जुड़ी समस्‍याओं को दूर करने के लिए पपीता का सेवन बहुत ही असरदार होता है। इसलिए इसे रोज़ाना खाएं। पपीते का सेवन खासतौर से लीवर सिरोसिस के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है। इसके लिए आप पपीता के पत्‍ते के रस का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। जो लीवर में मौजूद इंफेक्शन को कम करता है।

2. आंवला

लिवर को मजबूत और हेल्दी रखने के लिए आंवला भी बहुत फायदेमंद है। आंवला में विटामिन सी अच्‍छी-खासी मात्रा में होता है। रोज़ाना 2-4 आंवले का सेवन कर सकते हैं। आप चाहे तो आंवले का मुरब्‍बा भी खा सकते हैं। यह लिवर मजबूत करने का सबसे अच्‍छा विकल्‍प है। आंवला एक ऐसा फल है जो कई रूपों में खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका अचार, जूस के और मुरब्बे के रूप में सेवन किया जाता है। लिवर को मजबूत बनाने के लिए यह फल काफी लाभदायक माना जाता है। नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार लिवर को मजबूत बनाए रखने के लिए आंवला का सेवन भी कर सकते हैं। इसलिए आप चाहें तो ऊपर बताए गए 3 रूपों में से किसी भी एक रूप में आंवले का सेवन कर सकते हैं। यह त्वचा को निखारने के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है।

3. सेब

अगर आपके पास इनमें से कोई फल नहीं है तो रोज एक सेब जरूर खाएं। क्योंकि सेब लिवर डिटॉक्स करने में मददगार है। ज्यादातर लोग लिवर डिटॉक्स करने के लिए सेब का सिरका पीते हैं, जबकि अगर आप सेब खाएं तो आपको इसकी जरूरत भी नहीं पड़ेगी। सेब में मौजूद पॉलीफेनोल्स लिवर के सीरम और लिपिड लेवल को कंट्रोल में रखते हैं। सेब में पेक्टिन और मैलिक एसिड होता है जो विषाक्त पदार्थों और कार्सिनोजेन्स को हटाने में मदद करता है। साथ ही सेब में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो आपको फैटी लिवर से बचाते हैं। सेब लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इतना ही नहीं सेब में मौजूद पॉलीफेनोल्स लिवर के सीरम और लिपिड लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। 

4. ब्लैक बेरी

ब्लैकबेरी आपको किसी भी मौसम में बड़ी आसानी से मिल जाएगी। इसका सबसे ज्यादा उपयोग स्मूदी के रूप में भी किया जाता है। इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। यह एक ऐसा गुण है जो शरीर में विभिन्न प्रकार की सूजन को रोकने के लिए कार्य करता है। वहीं, लिवर में किसी भी कारण से होने वाली सूजन को कम करने के लिए भी ब्लैकबेरी मददगार होती है।

5. तरबूज

तरबूज डाइयूरेटिक है यानी कि ये शरीर में यूरिन के फ्लो को सही करता है। साथ ही ये लिवर डिटॉक्सीफाई करने में भी मददगार है। ये लिवर के काम काज को तेज करता है और अमोनिया प्रोसेस करके इसे शरीर से बाहर निकालता है। बता दें कि अमोनिया प्रोटीन पचाने के बाद निकलता है जिसके लिए लिवर का सही होना जरूरी है।

6. केला

केला फैटी लिवर की समस्या को कम करने में भी मदद करता है। केला खाने से लिवर बेहतर तरीके से काम करता है। इसलिए केले का सेवन भी आप लिवर को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं। जिन लोगों को लिवर से संबंधित कोई बीमारी है, उन्हें केले का सेवन जरूर करना चाहिए। आप चाहें तो डॉक्टर से भी लिवर रोग या लिवर को स्वस्थ रखने के लिए किन फलों का सेवन करना चाहिए, इसके बारे में सलाह ले सकते हैं। फैटी लिवर होने पर पेट में दर्द होता है। इस स्थिति में भोजन को पचाने में काफी दिक्कत होती है। ऐसे लोगों को हल्का, सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। केला हल्का होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व लिवर को हेल्दी रखते हैं। केला खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है।

7. क्रैनबेरी

क्रैनबेरी एंटीऑक्सिडेंट और अन्य पोषक तत्वों की से भरपूर है। दरअसल, क्रैनबेरी में एक शक्तिशाली प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट होता है जिसे प्रोएथोसायनिडिन (Proanthocyanidins) कहा जाता है, जो शरीर से मुक्त कणों को फ्लश करने की उनकी क्षमता को बढ़ता है। यही लिवर के काम काज को तेज करता है और लिवर साफ करके इसे स्वस्थ बनाता है।

8. अंजीर

अंजीर खाना लिवर के लिए भी फायदेमंद है। इसमें कुछ खास डाइटरी फाइबर्स होते हैं जो कि लिवर डैमेज को रोकते हैं। साथ ही इसका बीटा कैरोटीन और विटामिन फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले नुकसानों से बचाते हैं। इसके अलावा अंजीर खाने से इसके हाई एंटीऑक्सीडेंट तत्व फैटी लिवर की समस्या से बचाव में मदद करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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