Health Tips: 1 साल से छोटे बच्चे की Diet में भूलकर भी न करें ये गलतियां, सेहत पर होगा बुरा असर
- अनन्या मिश्रा
- Jun 02, 2026

1 साल से कम उम्र के बच्चे का डाइजेस्टिव सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता है। इसलिए इस उम्र में दिया गया भोजन बच्चे की सेहत पर सीधा असर डालता है। गलत या भारी भोजन न सिर्फ पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करता है, बल्कि कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है। बाल रोग एक्सपर्ट की मानें, तो 6 महीने तक के बच्चे के लिए सिर्फ मां का दूध ही सबसे ज्यादा सुरक्षित होता है। इसके बाद धीरे-धीरे बच्चे को पूरक आहार देना शुरू किया जाता है। लेकिन बच्चे को हर फूड बहुत सावधानी के साथ दिया जाना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि 1 साल से कम उम्र के बच्चे को कौन-कौन से फूड्स नहीं देना चाहिए।
कौन से फूड्स नहीं देने चाहिए
एक्सपर्ट के मुताबिक एक साल से छोटे बच्चे को शहद देना भी खतरनाक हो साबित हो सकता है। शहद में मौजूद बैक्टीरिया बच्चे के कमजोर डाइजेस्टिव सिस्टम में बोटुलिज्म नामक बीमारी पैदा कर सकते हैं। वहीं इस उम्र में बच्चे को चीनी, चॉकलेट और मिठाइयां आदि में नहीं देना चाहिए। यह बच्चे के दांतों और डाइजेशन दोनों के लिए नुकसानदेह है।
दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स देना
1 साल से पहले बच्चे को गाय का दूध देना सही नहीं माना जाता है। क्योंकि गाय के दूध में मौजूद मिनरल्स और प्रोटीन की मात्रा बच्चे की किडनी पर ज्यादा दबाव डाल सकती है। वहीं इतनी छोटी उम्र में क्रीम, पनीर और अन्य भारी डेयरी प्रोडक्ट्स भी पचाना मुश्किल होता है और यह एलर्जी का कारण भी बन सकता है।
नमक और प्रोसेस्ड फूड देना
एक साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए नमक का सेवन सीमित या फिर बिल्कुल न के बराबर होना चाहिए। क्योंकि ज्यादा नमक बच्चे की किडनी पर असर डाल सकता है। इसके अलावा 1 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए चिप्स, पैकेज्ड फूड, बिस्किट और प्रोसेस्ड स्नैक्स भी नुकसानदायक हो सकते हैं।
ठोस फूड्स
एक्सपर्ट की मानें, तो अंगूर, पॉपकॉर्न, नट्स, गाजर के बड़े टुकड़े या कोई भी सख्त भोजन देना बच्चे में दम घुटने की वजह बन सकता है। इस उम्र में हमेशा बच्चे को मैश किया हुआ खाना या फिर बहुत नरम खाना बच्चे को देना चाहिए। जिसको बच्चा आसानी से निगल ले।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।