कई बीमारियों में रामबाण है कच्ची हल्दी, इसके फायदे जानने के बाद आप भी आज ही ले आएँगे इसे अपने घर


कई बीमारियों में रामबाण है कच्ची हल्दी, इसके फायदे जानने के बाद आप भी आज ही ले आएँगे इसे अपने घर

आयुर्वेद में हल्दी को औषधीय गुणों का खजाना और सबसे सेहतमंद मसाला कहा गया है। आमतौर पर घरों में मसाले के तौर पर इस्तेमाल किए जाना वाला हल्दी पाउडर तो आपने देखा ही होगा। लेकिन आज हम आपको हल्दी पाउडर नहीं बल्कि कच्ची हल्दी के बारे में बताने जा रहे हैं। कच्ची हल्दी दिखने में अदरक की तरह होती है और स्वाद में कड़वी होती है। हल्दी पाउडर के मुकाबले इसका रंग भी गहरा होता है जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल फूड कलर के तौर पर भी किया जाता है। कच्ची हल्दी में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। कच्ची हल्दी का इस्तेमाल खाने में या दूध में मसाले के तौर पर किया जाता है। इसका इस्तेमाल सर्दी-खांसी ठीक करने से लेकर कई तरह की गंभीर बीमारियों का इलाज करने में भी किया जाता है। यह शरीर की इम्युनिटी बढ़ाकर कई तरह के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है। आज के इस लेख में हम आपको कच्ची हल्दी के कुछ ऐसे ही चमत्कारी गुणों के बारे में बताएंगे -    


खांसी-जुकाम में राहत 

कच्ची हल्दी का सेवन सर्दी-खांसी का एक बेहतरीन घरेलु उपचार है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मौजूद होते हैं जो शरीर में बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं। रोजाना दूध में कच्ची हल्दी डालकर पीने से सर्दी-खांसी में जल्दी राहत मिलती है। 


कैंसर से बचाव 

कच्ची हल्दी में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव करने में मदद मिलती है। कच्ची हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है जो शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है। कच्ची हल्दी के सेवन से ना सिर्फ कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है बल्कि यह शरीर में मौजूद कैंसर सेल्स को विकसित होने से भी रोकती है। खासतौर पर पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर में कच्ची हल्दी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। यह प्रोस्टेट कैंसर सेल्स को नष्ट करने के साथ-साथ उन्हें शरीर में बढ़ने से भी रोकती है। कच्ची हल्दी के नियमित सेवन से रेडिएशन के संपर्क में आने से होने वाले ट्यूमर से भी बचाव होता है।


गठिया में आराम 

कच्ची हल्दी में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं जिससे गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद प्राकृतिक सेल्स को नष्ट करने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं। कच्ची हल्दी के नियमित सेवन से आर्थराइटिस, जोड़ों के दर्द और सूजन में बहुत लाभ होता है।


इम्युनिटी बढ़ती है 

कच्ची हल्दी प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर भी काम करती है। इसमें मौजूद लिपोपॉलीसेच्चाराइड नामक तत्व और एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने में मदद करते हैं। कच्ची हल्दी के नियमति  सेवन से शरीर की इम्युनिटी बढ़ने के साथ ही कई तरह के इंफेक्शन से भी सुरक्षा मिलती है। 


डायबिटीज नियंत्रित करती है 

कच्ची हल्दी डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद औषधि है। शुगर की बीमारी में भी कच्ची हल्दी का सेवन बहुत लाभकारी साबित होता है। इसमें मौजूद लिपोपॉलीसेच्चाराइड नामक तत्व ब्लड में ग्लूकोस के लेवल को कम करता है। कच्ची हल्दी के नियमित सेवन से शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह  डायबिटीज के दौरान दी जाने वाली दवाइयों का असर बढ़ाने में भी मदद करती है। लेकिन शुगर की हाई डोज दवाइयों के साथ कच्ची हल्दी का सेवन करने से डॉक्टर की सलाह जरूर लें।  

 

दिल की बीमारी से बचाव 

कच्ची हल्दी के नियमित सेवन से शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करने में बहुत फायदा होता है। इसमें विटामिन बी6 भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। कच्ची हल्दी के सेवन से रक्त धमनियों (arteries) में मौजूद एंडोथीलिअम बेहतर रूप से काम करता है जिससे ब्लड प्रेशर और ब्लड क्लॉट जैसी तमाम दिल की बीमारियाँ खत्म होती हैं।  


डिप्रेशन में फायदेमंद 

कच्ची हल्दी ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। कच्ची हल्दी के नियमित सेवन से डिप्रेशन और अल्जाइमर जैसी मानसिक बीमारियों में बहुत लाभ होता है। यह बॉडी में सेरोटॉनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमिटर को बूस्ट करती है जिससे डिप्रेशन कम करने में मदद मिलती है।   


पेट की समस्याओं में असरदार 

कच्ची हल्दी पेट की समस्याओं में भी रामबाण इलाज है। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और  गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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