रोजाना एक अखरोट खाने से होंगे अनेकों और अनोखे फायदे


रोजाना एक अखरोट खाने से होंगे अनेकों और अनोखे फायदे

ठंडे प्रदेशों में पाया जाने वाला  सूखा मेवा अखरोट कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, आयरन, फास्फोरस कॉपर, सेलेनियम, फैटी एसिड से भरपूर है। मानसिक विकास व ऊर्जा का संचार करने वाला यह सूखा मेवा अच्छी सेहत के लिए बहुत ही लाभप्रद है। ड्राई फ्रूट में सबसे कीमती नाम हासिल करने वाला अखरोट ताकत से भरपूर है और रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। दिन में मात्र एक या दो भीगे हुए अखरोट का सेवन करने से व्यक्ति कई प्रकार की बीमारियों का सामना करने से बच सकता है।कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, फैट्स का सम्मिलित रूप अखरोट में मिलता है जिससे तमाम प्रकार की बीमारियों से निजात पायी जा सकती है और शरीर को स्वस्थ बनाने में इनका अहम योगदान भी होता है।


अखरोट में पाए जाने वाले कुछ आवश्यक तत्व 


अखरोट सूखा मेवा यानी (ड्राई फ्रूट) है इसमें कुछ आवश्यक तत्व  पाए जाते हैं जो शरीर के लिए और स्वस्थ रहने के लिए बहुत ही लाभप्रद होते हैं। जिनमे 4% पानी,15% प्रोटीन, 14%  कार्बोहाइड्रेट्स, 7% फाइबर, 65% वसा और मैगनीज विटामिन बी भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि अखरोट का सेवन स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है।


आइये जानते हैं अखरोट खाने से कुछ मुख्य फायदे-


हार्ट को स्वस्थ बनाता है अखरोट 

हार्ट के समस्याओं से निजात पाने के लिए अखरोट का इस्तेमाल कर सकते हैं। अखरोट ब्लड शुगर लेवल को कम करता है जिससे हार्ट से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। अखरोट का प्रतिदिन सेवन करने से डायबिटीज से निजात पाया जा सकता है।


अखरोट हड्डियों को मजबूत रखने में कारगर

कैल्शियम की कमी होने के कारण वृद्ध लोगों में,कुछ युवा किशोर लोगों में भी हड्डियों की परेशानी होने लगती है। हड्डियों की परेशानी से लोग अपने दिनचर्या के भी कार्य करने में असमर्थ हो जाते हैं।ऐसे में अखरोट का सेवन  उनके लिए लाभप्रद है। अखरोट में अल्फा लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में असरदायक होता है। रोजाना अखरोट का सेवन करने से शरीर में अल्फा लिनोलेनिक एसिड की मात्रा बढ़ती है जिससे हड्डियां सुचारू रूप से कार्य करते हैं और मजबूत हो जाती हैं।


चर्बी कम करने के लिए अखरोट का करें सेवन 

व्यक्ति अपने सुंदरता से अपने जीवन को चरितार्थ करता है।हर व्यक्ति के अंदर ये लालसा होती है कि वो सुंदर दिखे और दुनिया उसका दर्शन करें परंतु यह मोटापा और चर्बी उनके शरीर पर कलंक और ग्रह की तरह उनके शरीर की सुन्दरता को बिगाड़ देता है।अखरोट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है,और शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा फैट को घटाने में मदद करता है ।जिससे शरीर के मोटापे और चर्बी में दिनों दिन कमी आने लगती है और शरीर स्वस्थ व सुंदर हो जाती है।


डिप्रेशन के हैं शिकार तो आपके लिए अखरोट है असरदार

डिप्रेशन मानसिक विकास में बाधा बना रहता है। डिप्रेशन के शिकार चिंताओं से घिरे रहते हैं और किसी भी काम को सफलतापूर्वक नहीं कर पाते हैं। ड्राई फ्रूट अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है और अखरोट के इस्तेमाल से डिप्रेशन से जुड़ी हर परेशानियों से निजात पाया जा सकता हैं।


कब्ज दूर करने,पाचन में मददगार 

कब्ज एक ऐसी बीमारी है जिससे पाचन क्रिया में संतुलन नहीं बना रहता और जिसके कारण पूरे शरीर में तरह तरह की परेशानियां उत्पन्न होती रहती हैं। कब्ज से राहत पाने के लिए अखरोट का इस्तेमाल किया जा सकता है। अखरोट में फाइबर पाया जाता है और फाइबर कब्ज को दूर करने के लिए लाभप्रद है।

अखरोट का इस्तेमाल करने से कैंसर का खतरा कम होता हैं।


अखरोट के सेवन से कैंसर में कमी आती है

कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही लोगों के हाथ पांव फूलने लगते हैं परंतु अखरोट के इस्तेमाल से इस बीमारी का भी रोकथाम किया जा सकता है। अखरोट में पॉलीफेनाल, इलागीटॉनिक्स और एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कैंसर के सेल्स  को बढ़ने से रोकता है। रोजाना एक या दो अखरोट के इस्तेमाल से कैंसर जैसे बीमारी से भी निजात पाया जा सकता है।


प्रेग्नेंट महिलाओं के अखरोट का सेवन आवश्यक

प्रेग्नेट महिलाओं को कई प्रकार की सावधानियां बरतनी पड़ती है क्योंकि प्रेग्नेंट एक नाजुक अवस्था माना जाता है।इस समय सबसे आवश्यक माँ और बच्चे को स्वस्थ रखना होता है।ऐसी स्थिति में अखरोट बहुत ही लाभप्रद है क्योंकि अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है ए एसिड गर्व में बच्चे के मानसिक विकास के लिए बहुत ही लाभप्रद होता है।


अखरोट इस्तेमाल करने का सही समय 

अखरोट रात को ही पानी में भीगा के रख लें और इसका सेवन सुबह उठ के खाली पेट करें ऐसा करने से दोगुना लाभ होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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